url shortner

Friday, March 15, 2019

आंखों देखी: 'दो कदम की दूरी से बच गई जान'

हादसे के चश्मदीद रूपेश ने बताया कि वह सी.पी. टैंक में नौकरी करते हैं। 10 साल से ब्रिज का उपयोग कर रहे हैं। हादसे की वजह से उन्हें उल्टे पैर लौटना पड़ा। कुछ देर तक दिमाग शून्य हो गया था। उसके बाद घर पर परिजन और मित्रों को फोन से हादसे और मौत से सामना होने की जानकारी दी।

from Metro City news in Hindi, Metro City Headlines, मेट्रो सिटी न्यूज https://ift.tt/2FcCgoa

No comments:

Post a Comment