मैं चलता ही जाता हूं, किलोमीटर दर किलोमीटर। कड़कड़डूमा गांव से प्रीत विहार, निर्माण विहार, लक्ष्मी नगर व शकरपुर को एक-दूसरे से जोड़ता, अपने दूसरे छोर आईटीओ तक। मैं विकास मार्ग हूं, पूर्वी दिल्ली की जीवन रेखा।
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