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Wednesday, March 16, 2022

एक गांव ऐसा भी: 155 वर्षों से यहां नहीं मनाई गई होली, पसरा रहता है सन्नाटा, हुई थी यह बड़ी घटना

ग्रामीणों के अनुसार अपने उपहास से आहत बाबा ने जलती होलिका में कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। इससे पहले उन्होंने श्राप भी दे दिया कि आज के बाद इस गांव में होली का पर्व नहीं मनाया जाएगा और यदि किसी ने होली का पर्व मनाया तो अशुभ होगा।

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