लखनऊ कोरोना वायरस को रोकने के लिए देश में लॉकडाउन लगाया गया था। इससे लोगों को भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच खुद के लिए समय मिला। अब नतीजा आपके सामने है। एक सर्वे में सामने आया है कि लॉकडाउन से जीवनशैली में बड़ा बदलाव आया है। लोग अपनी सेहत, रिश्ते, परिवार, हॉबी का पहले से ज्यादा ध्यान रख रहे हैं और उन्हें समय भी पहले से ज्यादा दे रहे हैं। सर्वे के मुताबिक, 80 फीसदी लोगों को कोई बीमारी नहीं है। केजीएमयू के जीरियॉटिक ऐंड मेंटल हेल्थ विभाग के सर्वे में यह नतीजे सामने आए हैं। यह एक पाइलट स्टडी थी, जिसमें लोगों से ऑनलाइन प्रश्नावली भरवाई गई। इसमें देश भर से प्रतिभागियों को शामिल किया गया। इस शोध को विभाग की डॉ. निशा मणि त्रिपाठी ने किया, जिसमें डॉ. राकेश त्रिपाठी और शोधार्थी पल्लवी, दीक्षा और स्नेहल ने सहयोग किया। डॉ. निशा ने बताया कि इस शोध में सामने आया कि 54 फीसदी लोग ऐसे पाए गए जो पूरी तरह से स्वस्थ महसूस कर रहे हैं जबकि 26 फीसदी का स्वास्थ्य अवसत (जिनको कोई गंभीर बीमार नहीं) रहा। खान-पान में हुआ सुधार सर्वे के मुताबिक, लोगों के खान-पान में भी लॉकडाउन के दौरान सुधार आ गया है। लोगों का देर से या गलत समय पर खाना बंद हुआ है। 35 फीसदी ने स्वीकारा कि उन्होंने अपना डाइट प्लान बदला है। यह भी लोगों के स्वास्थ्य सुधरने की ओर ही इशारा कर रहा है। सोशल मीडिया पर समय बढ़ा लोग अब सोशल मीडिया पर ज्यादा समय देने लगे हैं। 35 फीसदी ने स्वीकारा कि वह अब पहले से ज्यादा सोशल मीडिया पर समय बिता रहे हैं। वहीं, 57 फीसदी ने माना कि मोबाइल और लैपटॉप का उपयोग वह अब पहले से ज्यादा कर रहे हैं। इसके उपयोग का समय लगभग दोगुना हो गया है। ये भी आया सामने 70% ने कहा, लॉकडाउन का पूरी तरह पालन किया। 81% ने कहा, इससे उनका शेड्यूल पूरी तरह प्रभावित हुआ है। 50% ने कहा, लॉकडाउन से उनकी आय के स्रोत प्रभावित हुए। 20% ने कहा, इससे मानसिक तनाव थोड़ा बढ़ गया है। 25% लोगों ने स्वीकारा कि घरेलू झगड़े भी थोड़े बढ़े हैं।
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