url shortner

Sunday, June 21, 2020

कोरोना वॉर्ड में एडमिट पत्रकार, पढ़ें लाइव रिपोर्ट

लखनऊ कोरोना की दहशत सबके मन में है, लेकिन लोग छोटे बच्चों को लेकर सबसे ज्यादा आशंकित हैं। उन्हें लगता है कि बड़ों को कोरोना हो गया तो वे झेल लेंगे, लेकिन बच्चों को हो गया तो क्या होगा। ऐसा सोचने वालों के लिए सकारात्मक खबर है। केजीएमयू में भर्ती हुए बच्चे बहुत जल्दी रिकवर होकर घर जा चुके हैं। खास बात यह कि ये बच्चे कुछ विटामिंस या सामान्य दवा देने भर से कम समय में स्वस्थ हो गए। मालती (नाम बदला हुआ) को जब पता चला कि उसे और उसके एक साल के बच्चे को कोरोना है तो उसके होश उड़ गए। मालती को अपनी जान की नहीं, बल्कि यह चिंता थी कि उसके बच्चे का क्या होगा। दोनों को केजीएमयू में भर्ती करवाया गया। डॉक्टरों को देखते ही उसके आंसू निकल पड़े। उसने कहा कि डॉक्टर साहब! मुझे कुछ भी हो जाए, लेकिन किसी तरह मेरे बच्चे की जान बचा लीजिए। एक बेबस मां की गुहार और रुलाई डॉक्टरों को भी परेशान कर रही थी। फिर भी डॉक्टरों ने ढांढस बंधाया, समझाया कि घबराएं नहीं, सब अच्छा होगा। फिर दोनों का ट्रीटमेंट शुरू हुआ। केवल चार दिन में बच्चे की रिपोर्ट निगेटिव आ गई। वहीं, मालती को सही होने में दो दिन ज्यादा लगे। दोनों खुशी-खुशी घर जा चुके हैं। कोरोना मुक्त होकर गए बच्चे डॉ. डी हिमांशु बताते हैं कि यहां भर्ती होने वालों में बच्चों की संख्या बेहद कम है। जो बच्चे भर्ती भी होते हैं, वे बहुत जल्दी रिकवर हो जाते हैं। अब तक चार बच्चे ठीक होकर जा चुके हैं। न्यू बॉर्न बेबी से लेकर कैंसर पेशेंट बच्चे तक भर्ती हुए और सभी कोरोना मुक्त होकर गए। खास बात यह कि किसी भी बच्चे को हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन देने की जरूरत नहीं पड़ी। कुछ विटामिंस या सामान्य दवा देने भर से वे स्वस्थ हो गए। यह भी देखने में आया है कि परिवार में किसी को संक्रमण होने पर बड़े जल्दी चपेट में आ रहे हैं। बच्चे उतनी जल्दी संक्रमित नहीं होते। केजीएमयू में इस समय सिर्फ एक बच्चा भर्ती है। डॉक्टरों का कहना है कि वह भी जल्दी स्वस्थ होकर घर जाएगा। अपने मन से न लें दवा यह भी देखने में आया है कि कोरोना की आशंका पर कई लोग डॉक्टर की सलाह के बिना हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन खा रहे हैं। बच्चों को भी खिला रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, यह बेहद खतरनाक है। डॉक्टर मरीज की स्थिति समझने के बाद दवा तय करते हैं। कई मरीजों को दूसरी दवाएं दी जाती हैं। बच्चों को तो हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन देने की जरूरत ही नहीं पड़ी। (केजीएमयू में एडमिट नवलकांत सिन्हा की रिपोर्ट)


from Metro City news in Hindi, Metro City Headlines, मेट्रो सिटी न्यूज https://ift.tt/2CwTXA9

No comments:

Post a Comment